राजेश मिश्रा, आगरा
राजस्थान की भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए बुधवार को गोवर्धन परिक्रमा के दौरान असहज स्थिति हो गई। वे अपनी पत्नी गीता शर्मा सहित बुधवार को गोवर्धन में परिक्रमा लगा रहे थे। राधाकुंड पहुंचने पर वे एक चाय की दुकान पर रुक गए। चाय विक्रेता बोलने और सुनने में दिव्यांग हैं। उन्हें लोग गूंगा कहकर पुकारते हैं। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी यहां पर चाय पी रहे थे तभी दिव्यांग गूंगा के मन में आदर भाव जाग गया। एक मुख्यमंत्री को आखिर क्या भेंट करें? उसने दुकान में इधर-उधर देखा, सीता-राम की एक तस्वीर रखी थी। उन्होंने तस्वीर हाथ में ले ली और मुख्यमंत्री के चाय खत्म होने का इंतजार करने लगे। इसी बीच, वहां मौजूद कुछ लोगों ने तस्वीर देख ली। इस तस्वीर में सपा मुखिया अखिलेश यादव का चित्र भी नीचे लगा था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ये देखा तो वे भी हतप्रभ रह गए। चाय विक्रेता द्वारा तस्वीर भेंट करने की कहने पर एकबारगी असहज हुए। हिचके-झिझके और फिर चाय वाले की भावना का सम्मान करते हुए उपहार स्वरूप उस तस्वीर को स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री द्वारा उपहार स्वीकार कर लेने पर चाय विक्रेता गूंगा गदगद हो गए लेकिन बोलने-सुनने में दिव्यांग होने पर अपने उदगार व्यक्त न कर सके। हां, उनके चेहरे की मुस्कराहट उनकी खुशी को बयां कर रही थी।
पत्नी और बेटे ने लगाई दंडवती परिक्रमा
दरअसल राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा की गोवर्धन गिरिराज़ में बेहद आस्था है। वह सीएम बनने से पहले भी प्रति माह गोवर्धन गिरिराज़ की परिक्रमा लगाते थे। सीएम बनने के बाद भजन लाल शर्मा हर साल सात कोसीय परिक्रमा लगाने आते हैं और उनकी पत्नी गीता शर्मा समेत बेटे साल में एक बार दंडवती परिक्रमा लगाते हैं। इस बार पत्नी गीता शर्मा और उनके बेटे ने बीते दो दिन पहले दंडवती परिक्रमा पूरी की है। दण्डवती परिक्रमा पूरी करने के उपरांत बुधवार एकादशी को साल के अंतिम दिन गीता शर्मा पति सीएम भजन लाल शर्मा के साथ गिरिराज़ परिक्रमा लगाने गोवर्धन पहुंचीं। उन्होने सात कोस यानि 21 किलोमीटर पैदल चलकर आम श्रद्धालु भक्तों की भीड़ में गिरिराज़ परिक्रमा लगाई।
मेरी बात
मैनपुरी के एक छोटे से गांव से आकर आगरा महानगर में एक कदम रखने का प्रयास किया। एक अनजान युवक को अपना ठौर-ठिकाना बनाने की चुनौती थी। दैनिक जागरण जैसे विश्व प्रसिद्ध समाचार समूह ने सेवा करने का सुअवसर प्रदान किया। 9 जुलाई 2025 को दैनिक जागरण समाचार पत्र समूह से सेवानिवृत्त होने तक के पत्रकारिता के सफर के दौरान कई पड़ाव पार किए, कई पायदान चढ़े। समाज के विभिन्न वर्गों की रिपोर्टिंग की। सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से भरे पहलू मेरी पत्रकारिता के प्रमुख आधार रहे। संप्रति में दैनिक भास्कर समूह से जुड़कर अपनी पत्रकारिता के नए दौर में प्रवेश रखा है। अब कुछ अलग करके दिखाने की तमन्ना है। हमारे आसपास ही तमाम ऐसे कार्यकलाप होते हैं जो जनहित और समाजहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, निभा सकते हैं लेकिन स्पष्ट कहूं तो कूपमंडूकता के कारण हम यहां तक पहुंच नहीं पाते, जान नहीं पाते। हम ऐसे ही अदृश्य व्यक्तित्व और कृतत्व को आपके सामने लाने का प्रयास करेंगे।
जय हिंद















