-गंभीर बीमारियों में भी त्वरित और प्रभावी उपचार पर अनुभव और अनुसंधान का होगा प्रदर्शन
-आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर आर्गेनाइजेशन, आगरा के तत्वावधान में 10 और 11 जनवरी को राष्ट्रीय कांफ्रेंस
आगरा: करीब 230 साल पुरानी होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति जिस जर्मनी देश में डा. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमेन के जरिए हुई, भारत ने उस जर्मनी को भी पछाड़ कर आज दुनिया में सबसे ज्यादा होम्योपैथी के प्रचलन का ताज पहना हुआ है। ये उपलब्धि ऐसे ही हासिल नहीं हुई। भारत में भी होम्योपैथी के विद्वान चिकित्सक रहे हैं और हैं जिनके अनुभव और अनुसंधान ने होम्योपैथी को अति विश्वासी बना दिया है। देश भर के ऐसे ही विशेषज्ञों का समागम ब्रज की धरा आगरा में 10 और 11 जनवरी को होने जा रहा है। इसमें विशेषज्ञ गंभीर बीमारियों पर होम्योपैथी की प्रभावी क्षमता के बारे में अपने अनुभव साझा करेंगे। होम्योपैथी के चिकित्सा छात्रों के लिए ये राष्ट्रीय कांफ्रेंस करियर के लिए नई दिशा देने का काम करेगी।
आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर आर्गेनाइजेशन, आगरा के तत्वावधान में ये राष्ट्रीय कांफ्रेंस आगरा शहर में एमजी रोड पर हरीपर्वत स्थित एमडी जैन इंटर कॉलेज के सभागार में आयोजित की जाएगी। कम उम्र में ही सर्वाधिक मरीजों का उपचार करने के परिप्रेक्ष्य में गिनीज बुक रिकार्डधारी सहित तमाम उपलब्धि हासिल कर चुके और होम्योपैथिक मेडिसन बोर्ड के पूर्व सदस्य डा. पार्थसारथी शर्मा को
इस कांफ्रेंस के आयोजन सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बनारस के डा. जे एन सिंह रघुवंशी का होम्योपैथी में अपना मुकाम है। वे आयोजन समिति के अध्यक्ष हैं। डा. पार्थसारथी शर्मा ने बताया कि इसकी थीम है-ट्रीटमेंट टूवर्ड्स पॉजीटिव हेल्थ। कांफ्रेंस में 250 डेलीगेट्स प्रतिभाग करेंगे। चिकित्सा छात्रों को भी आमंत्रित किया गया है। आगरा के कई विशेषज्ञों ने होम्योपैथी को दुनिया भर में प्रचारित और प्रसारित किया है। पदमश्री विभूषित डा. आर एस पारीक की तो होम्योपैथी की दुनिया में विशेष पहचान है। डा. प्रदीप गुप्ता कैंसर रोग निदान के उपचार के लिए पहचाने जाते हैं। डा. कैलाश सारस्वत चर्म रोग के साथ ही संपूर्ण चिकित्सा में अपना प्रभाव जमाए हुए हैं।
वैज्ञानिक सत्रों में कैंसर, एंटीबायोटिक के अत्यधिक प्रयोग से नुकसान, ऑटिज्म के उपचार में होम्योपैथी की उपयोगिता, रोल आफ एडरनल कोरटेक्स इन ए क्रोनिक केस आफ लिचन सिंपल क्रोनिकस विद स्टीरायड विषयों पर व्याख्यान होंगे। डा. शर्मा ने बताया कि कांफ्रेंस में डा. रघुवंशी, डा. प्रदीप गुप्ता, डा. मनोरंजन पाल, डा.जितेश शर्मा, डा. एनएस रघुराम, डा. आर सी श्रीवास्तव, डा. अर्पिता चटर्जी, डा. ध्रुव ज्योति मित्रा, डा. अनंत प्रकाश गुप्ता और स्वयं उनके डा. पार्थसारथी शर्मा के व्याख्यान होंगे। डा. शर्मा ने बताया कि कांफ्रेंस में विशेषज्ञों का सम्मान भी किया जाएगा। इस कांफ्रेंस की सबसे बड़ी खासियत ये है कि होम्योपैथी की सभी संस्थाओं का सहयोग और सहभागिता रहेगी। आगरा में इस तरह की ये पहली होम्योपैथिक राष्ट्रीय कांफ्रेंस है।
लीडर्स आगरा मुख्य सहयोगी
समाज सेवा में आगरा की अग्रणी संस्था लीडर्स आगरा इस कांफ्रेंस में मुख्य सहयोगी है। पूर्व पार्षद सुनील जैन इस आयोजन की व्यवस्थाओं में तल्लीन हैं।
मेरी बात
मैनपुरी के एक छोटे से गांव से आकर आगरा महानगर में एक कदम रखने का प्रयास किया। एक अनजान युवक को अपना ठौर-ठिकाना बनाने की चुनौती थी। दैनिक जागरण जैसे विश्व प्रसिद्ध समाचार समूह ने सेवा करने का सुअवसर प्रदान किया। 9 जुलाई 2025 को दैनिक जागरण समाचार पत्र समूह से सेवानिवृत्त होने तक के पत्रकारिता के सफर के दौरान कई पड़ाव पार किए, कई पायदान चढ़े। समाज के विभिन्न वर्गों की रिपोर्टिंग की। सामाजिक और मानवीय संवेदनाओं से भरे पहलू मेरी पत्रकारिता के प्रमुख आधार रहे। संप्रति में दैनिक भास्कर समूह से जुड़कर अपनी पत्रकारिता के नए दौर में प्रवेश रखा है। अब कुछ अलग करके दिखाने की तमन्ना है। हमारे आसपास ही तमाम ऐसे कार्यकलाप होते हैं जो जनहित और समाजहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, निभा सकते हैं लेकिन स्पष्ट कहूं तो कूपमंडूकता के कारण हम यहां तक पहुंच नहीं पाते, जान नहीं पाते। हम ऐसे ही अदृश्य व्यक्तित्व और कृतत्व को आपके सामने लाने का प्रयास करेंगे।
जय हिंद














